Yusuf

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मां की ममता


क्या लिखूं मैं ?
मां की ममता का बखान,
दुनिया में मां से कौन महान ?
न रूप देखती न रंग देखती,
न गुण देखती न अवगुण ,
लूटाती हम पर हर हाल में ममता ।
अपने हर बच्चे में रखती समता ।।
क्या लिखूं मैं ?.......

भगवान स्वरूप जग में लाती,
हमें पालने में,
वह हर कष्ट सह जाती ।
लड़ती भिड़ती घर बाहर,
फिर भी सारे संस्कार सिखाती ।।
क्या लिखूं मैं.......

जितना चेहरे को एक मां पढ़ पाती,
उतना हमें कौन ही पढ़ पाता ?
मां की बातें ठुकराकर,
कौन सुखी रह पाता ?
 लड़ जाती है हमारे लिए,
 अपने पति से भी ,
मां का कर्ज़ कौन चुका ही पाता ?
क्या लिखूं मैं....

💕💕💕

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3 Comments

Mohammed urooj khan

16-Apr-2024 11:05 PM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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Varsha_Upadhyay

09-Apr-2024 07:23 AM

Nice

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Gunjan Kamal

08-Apr-2024 06:00 PM

बहुत खूब

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